दु:ख के बादल छट जावैंगे
थाम उस प्रभु का नाम जपो
खुशियों के दिन फिर आवैंगे
हृदय.. में. .. विश्वाश .रखो!
दुश्मन तै हाम्म डरते कोन्या
पीठ दिखा कै भागे कोन्या
जिब तक भागै नहीं करोना
थाम घर में ही आराम करो।
जै थारे लडज्या करोना
इस तै बिलकुल नहीं डरो ना
तुलसी गिलोय काढ़ा पीकर
इसका...काम...तमाम. करो !
गलती थामनै बहुत करी सै
धरती नै बंजड़ करी सै
पेड़ लगाकर धरती मां पर
ऑक्सीजन का निदान करो।
हवा ....झूम ....कै.. .गावैगी
सभ.. नै.... गीत... सुणावैगी
फिर खिल ज्यांगी फुलवाड़ी
थाम थोड़ा धीरज धारण करो।
©️ अशोक योगी
कालबा हाउस नारनौल
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